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- आज की युग साधना क्या है? (गायत्री परिवार - Gayatri Pariwar) - आपको समय की माँग , समय की माँग आपके सामने भी है और वो समय की माँग इस तरीके से है जिसको आपको पूरा करना ही चाहिए।
- आज की युग साधना क्या है? (गायत्री परिवार - Gayatri Pariwar) - आपको समय की माँग, समय की माँग आपके सामने भी है और वो समय की माँग इस तरीके से है जिसको आपको पूरा करना ही चाहिए।
- आज की युग साधना क्या है? (गायत्री परिवार - Gayatri Pariwar) - आपको समय की माँग, समय की माँग आपके सामने भी है और वो समय की माँग इस तरीके से है जिसको आपको पूरा करना ही चाहिए।
- आज की युग साधना क्या है? (गायत्री परिवार - Gayatri Pariwar) - आप इस समय अपने (सारी) विचारों को और सारी इच्छाओं को सिर्फ इस काम में लगा दीजिए कि हमको समय की माँग पूरी करनी है, युग की भूमिका निभानी है।
- आज की युग साधना क्या है? (गायत्री परिवार - Gayatri Pariwar) - समय की माँग क्या है? प्रज्ञावतार की माँग क्या है? आप कान खोल के उसी को सुनिए, और सुनने के बाद में पूरी हिम्मत के साथ में, पूरी वफादारी और जिम्मेदारी के साथ में, भगवान के काम करने के लिए कटिबद्ध हो जाइए।
- श्रावणी पर्व पर प्रज्ञा परिजनों के नाम सन्देश (गायत्री परिवार - Gayatri Pariwar) - और समय की माँग इतनी तेज होती जाती है कि हमारे कान फटे जाते हैं।
- युगसंधि महापुरश्चरण और संकट निवारण (गायत्री परिवार - Gayatri Pariwar) - समय की माँग , समय की पुकार यह है कि इन दिनों वातावरण में जो अवांछनीय तत्त्वों का घुलन एवं मिलन हो गया है, उसे समय रहते निरस्त किया जाय, ताकि जनसाधारण की स्थिति ठीक हो सके एवं सभी को खुले वातावरण में साँस लेने का मौका मिल सके।
- युगसंधि महापुरश्चरण और संकट निवारण (गायत्री परिवार - Gayatri Pariwar) - यह समय की माँग है कि वातावरण में अवांछनीयता का जो समावेश हो गया है, उसे समय रहते निरस्त किया जाय।
- गुरु दक्षिणा चुकाएँ-समयदान करें (गायत्री परिवार - Gayatri Pariwar) - आप समय की माँग को पूरा कीजिए।
- श्रावणी पर्व 85 पर कार्यकर्ताओं की रीति-नीति (गायत्री परिवार - Gayatri Pariwar) - (3) क्या आप समय की माँग को पूरा करने हेतु अपने अन्दर उत्साह से भरे हैं?
अगर यह आपको प्राप्त हो जाएगा तो आपके दुश्मन भाग खड़े होंगे तथा आपका अहंकार समाप्त हो जाएगा और आप वजनदार, इज्जतदार आदमी हो जाएँगे तथा आपको हर जगह सम्मान मिलेगा।
- जीवन को धन्य बनाने का महानतम अवसर (गायत्री परिवार - Gayatri Pariwar) - समय की माँग को समझें और जीवन को धन्य बनाने का यह सुयोग हाथ से न जाने दें।
- जीवन को धन्य बनाने का महानतम अवसर (गायत्री परिवार - Gayatri Pariwar) - समय की माँग को देखते हुए हम फिर से आप लोगों से यह प्रार्थना करते हैं कि यह महत्त्वपूर्ण समय है।
- जीवन को धन्य बनाने का महानतम अवसर (गायत्री परिवार - Gayatri Pariwar) - आपसे हमारा निवेदन है कि आप हमारे सच्चे साथी-सहचर बनकर, महाकाल के सच्चे साथी-सहचर बनकर, अगर इतना कर पाए, तो जो इस समय की माँग है, वह पूरी हो सकेगी।
- फिजाँ बदल देती है-अवतार की आँधी (गायत्री परिवार - Gayatri Pariwar) - वह धर्म स्थान के लिए, समय की माँग को पूरा करने के लिए आपको रोज पुकारता है।
- जीवन्त विभूतियों से भावभरी अपेक्षाएँ (गायत्री परिवार - Gayatri Pariwar) - समय की माँग को पूरा करना चाहिए और युग की माँग को पूरा करना चाहिए और महाकाल ने, भगवान् ने जहाँ आपको बुलाया है, वहाँ आपको चलना चाहिए।
- परिवर्तन के महान् क्षण — (क्रान्तिधर्मी साहित्य पुस्तकमाला - 06) (गायत्री परिवार - Gayatri Pariwar) - यह कार्य विज्ञान तो कदाचित् कितने ही प्रयत्न कर लेने पर भी समय की माँग को पूरा न कर सकेगा।
- इक्कीसवीं सदी बनाम उज्ज्वल भविष्य-भाग २ — (क्रान्तिधर्मी साहित्य पुस्तकमाला - 02) (गायत्री परिवार - Gayatri Pariwar) - आज भी समय की माँग ऐसी है, जिसमें चिन्तन, चरित्र और व्यवहार में असाधारण परिवर्तन की आवश्यकता है।
- युग की माँग प्रतिभा परिष्कार-भाग १ — (क्रान्तिधर्मी साहित्य पुस्तकमाला - 03) (गायत्री परिवार - Gayatri Pariwar) - अनुक्रमणिका
1. प्राणवान् प्रतिभाओं की खोज
2. विशिष्टता का नए सिरे से उभार
3. प्रतिभा परिवर्धन के तथ्य और सिद्धान्त
4. युगसृजन के निमित्त प्रतिभाओं को चुनौती
5. प्रतिभा सम्वर्धन का मूल्य भी चुकाया जाए
6. प्रतिभा के बीजांकुर हर किसी में विद्यमान हैं
7. उत्कृष्टता के साथ जुड़े, प्रतिभा के अनुदान पाएँ
प्राणवान् प्रतिभाओं की खोज समय की माँग के अनुरूप, दो दबाव इन दिनों निरन्तर बढ़ते जा रहे हैं।
- नवयुग का मत्स्यावतार — (क्रान्तिधर्मी साहित्य पुस्तकमाला - 21) (गायत्री परिवार - Gayatri Pariwar) - नवयुग का मत्स्यावतार — (क्रान्तिधर्मी साहित्य पुस्तकमाला - 21) (गायत्री परिवार - Gayatri Pariwar)
नवयुग का मत्स्यावतार — (क्रान्तिधर्मी साहित्य पुस्तकमाला - 21)
अनुक्रमणिका
1. तुच्छ को महान बनाने वाली
2. तीव्र विस्तार चेतना का स्वभाव
3. उसी धारा में प्रस्तुत एक उदाहरण
4. अदृश्य चेतना द्वारा-संचालन
5. बड़े प्रयोजन के लिए बड़े कदम
6. नए लक्ष्य—नए उद्घोष
7. समय की माँग के अनुरूप पुरुषार्थ
8. समझदारी शंका में नहीं—सहयोग में है
9. वह जिसकी उपेक्षा नहीं ही करें
10. ईश चेतना से जुड़ें
11. थोड़ा ही सही, नियमित करें
12. प्राण-चेतना प्रखर बनाए रखें
तुच्छ को महान बनाने वाली दिव्य सत्ता
ब्रह्मा जी प्रात:काल संध्या-वन्दन के लिए बैठे।
- नवयुग का मत्स्यावतार — (क्रान्तिधर्मी साहित्य पुस्तकमाला - 21) (गायत्री परिवार - Gayatri Pariwar) - समय की माँग के अनुरूप पुरुषार्थ
युगसन्धि की इस बेला में वातावरण क्रमश: अधिक गरम होता जा रहा है।
- शिक्षा ही नहीं विद्या भी — (क्रान्तिधर्मी साहित्य पुस्तकमाला - 15) (गायत्री परिवार - Gayatri Pariwar) - यदि सम्भव हो तो समर्थ व्यक्ति इन दोनों माध्यमों को भी इतना सरल और सस्ता बना सकता है कि जन-जन तक उनकी पहुँच हो सके और समय की माँग को पूरा करने में वे दोनों कुछ कहने लायक बड़ी भूमिका निभा सकें।
- शिक्षा ही नहीं विद्या भी — (क्रान्तिधर्मी साहित्य पुस्तकमाला - 15) (गायत्री परिवार - Gayatri Pariwar) - पिछले लेखों में बताया जा चुका है कि वक्ताओं, गायकों के स्तर वाले परिव्राजकों का अभाव देखते हुए समय की माँग पूरी करने के लिए शान्तिकुञ्ज ने कुछ नए उपकरण इन्हीं दिनों बनाए हैं, जो उपरोक्त आवश्यकताओं की पूर्ति कर सकें।
- युग की माँग प्रतिभा परिष्कार — (क्रान्तिधर्मी साहित्य पुस्तकमाला - 03-04) (गायत्री परिवार - Gayatri Pariwar) - प्राणवान् प्रतिभाओं की खोज समय की माँग के अनुरूप, दो दबाव (१) इन दिनों निरन्तर बढ़ते जा रहे हैं।
- महिला जागृति अभियान — (क्रान्तिधर्मी साहित्य पुस्तकमाला - 18) (गायत्री परिवार - Gayatri Pariwar) - ऐसी महिलाएँ दिन काटने के लिए नौकरी के लिए भटकें या किन्हीं सम्बन्धियों की सहायता-अनुकम्पा पर आश्रित रहें, उसकी अपेक्षा यह कहीं अच्छा है कि महिला-जागरण की ईश्वरीय माँग की सहयोगिनी बनकर दुर्भाग्य को सौभाग्य में बदलें और समय की माँग पूरी करने में अपने समय व श्रम का नियोजन करके उपलब्ध मानवीय जीवन को अपनी साहसिकता के बल पर सार्थक करें।
- इक्कीसवीं सदी बनाम उज्ज्वल भविष्य-भाग १ — (क्रान्तिधर्मी साहित्य पुस्तकमाला - 01) (गायत्री परिवार - Gayatri Pariwar) - यह महाकाल की प्रेरणा है—ईश्वर की इच्छा है— समय की माँग है।
- महाकाल का प्रतिभाओं को आमंत्रण — (क्रान्तिधर्मी साहित्य पुस्तकमाला - 08) (गायत्री परिवार - Gayatri Pariwar) - समय की माँग के अनुरूप पुण्य-परमार्थ का परिचय देने वालों को भी सदा नफे में ही रहने का सुयोग मिलता है।
- इक्कीसवीं सदी का गंगावतरण — (क्रान्तिधर्मी साहित्य पुस्तकमाला - 22) (गायत्री परिवार - Gayatri Pariwar) - अब फिर वैसी ही परम्परा समय की माँग पूरी करने के लिए न चल सके, ऐसी कोई बात नहीं है।
- इक्कीसवीं सदी का गंगावतरण — (क्रान्तिधर्मी साहित्य पुस्तकमाला - 22) (गायत्री परिवार - Gayatri Pariwar) - आज वे जिस संकीर्ण स्वार्थ साधना में लगे हैं, उससे दस कदम आगे बढ़कर उन कार्यों को हाथ में लेंगे, जिन्हें करने के लिए समय की माँग उन्हें प्रेरित और बाधित करेगी।
- इक्कीसवीं सदी का गंगावतरण — (क्रान्तिधर्मी साहित्य पुस्तकमाला - 22) (गायत्री परिवार - Gayatri Pariwar) - बुद्ध काल में लाखों परिव्राजकों और गाँधी काल में लाखों सत्याग्रहियों का अनायास ही उभर पडऩा यह बताता है कि समय की माँग को गूँगे-बहरे भले ही न सुनें, पर चेतन एवं सही सलामत व्यक्ति युग-धर्म के परिपालन से इनकार कैसे कर सकते हैं? ऐसे प्राणवानों को झकझोरने और नींद से विरत होकर तन कर खड़े हो जाने की स्थिति उत्पन्न करने में शान्तिकुञ्ज का तंत्र अभी से पूरी तैयारी कर रहा है।
- संजीवनी विद्या का विस्तार — (क्रान्तिधर्मी साहित्य पुस्तकमाला - 16) (गायत्री परिवार - Gayatri Pariwar) - मिशन के सूत्र-संचालक इसी को अपनी संरचनात्मक सम्पत्ति मानते हैं और पूरा-पक्का विश्वास जताते हैं कि इतनी भुजाओं के बलबूते, समय की माँग का एक बड़ा भाग निश्चित रूप से पूरा किया जा सकेगा।
- kya-aap-bhagawan-par-vishwas.html - (3) क्या आप समय की माँग को पूरा करने हेतु अपने अन्दर उत्साहश्रावणी पर्व 85 पर कार्यकर्ताओं की रीति-नीति - नीति - हैं? (2) क्या आप भगवान् पर विश्वास करते हैं? (3) क्या आप समय की माँग को पूरा करने हेतु अपने अन्दरश्रावणी पर्व 85 पर कार्यकर्ताओं की रीति-नीति - नीति - प्यार चाहते हैं? (2) क्या आप भगवान् पर विश्वास करते हैं? (3) क्या आप समय की माँग को पूरा करने हेतुश्रावणी पर्व 85 पर कार्यकर्ताओं की रीति-नीति - नीति - हमारा प्यार चाहते हैं? (2) क्या आप भगवान् पर विश्वास करते हैं? (3) क्या आप समय की माँग को पूरा करनेश्रावणी पर्व 85 पर कार्यकर्ताओं की रीति-नीति - नीति - आप हमारा प्यार चाहते हैं? (2) क्या आप भगवान् पर विश्वास करते हैं? (3) क्या आप समय की माँग को पूराश्रावणी पर्व 85 पर कार्यकर्ताओं की रीति-नीति - नीति - क्या आप हमारा प्यार चाहते हैं? (2) क्या आप भगवान् पर विश्वास करते हैं? (3) क्या आप समय की माँग कोश्रावणी पर्व 85 पर कार्यकर्ताओं की रीति-नीति - नीति - (1) क्या आप हमारा प्यार चाहते हैं? (2) क्या आप भगवान् पर विश्वास करते हैं? (3) क्या आप समय की माँगश्रावणी पर्व 85 पर कार्यकर्ताओं की रीति-नीति - नीति - हैं, (1) क्या आप हमारा प्यार चाहते हैं? (2) क्या आप भगवान् पर विश्वास करते हैं? (3) क्या आप समय कीश्रावणी पर्व 85 पर कार्यकर्ताओं की रीति-नीति - नीति - कसौटी हैं, (1) क्या आप हमारा प्यार चाहते हैं? (2) क्या आप भगवान् पर विश्वास करते हैं? (3) क्या आप समयश्रावणी पर्व 85 पर कार्यकर्ताओं की रीति-नीति - नीति - हमारी तीन कसौटी हैं, (1) क्या आप हमारा प्यार चाहते हैं? (2) क्या आप भगवान् पर विश्वास करते हैं? (3) क्याप्रवचन, गीत, फोल्डर और पुस्तकें — Discourses, Songs, Folders and Books - रुप में कब से खत्म हो गए।
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- परम पूज्य गुरुदेव की सूक्ष्मीकृत जीवनचर्या (गायत्री परिवार - Gayatri Pariwar) - समय की माँग को ध्यान में रखते हुए पू० गुरुदेव का नया कदम इसी स्तर का उठा है जिससे प्रजा परिवार को रीछ-वानरों और ग्वाल-बालों जैसी भूमिका निभा सकने के लिए आवश्यक प्राण-चेतना उपलब्ध हो सके।
- आपत्तिकाल में मोहग्रस्त बने न रहें (गायत्री परिवार - Gayatri Pariwar) - आपको समय की माँग है।
- आपत्तिकाल में मोहग्रस्त बने न रहें (गायत्री परिवार - Gayatri Pariwar) - समय की माँग आपके सामने भी है और वह समय की माँग इस तरीके की है, जिसको आपको पूरा करना ही चाहिए।
- आपत्तिकाल में मोहग्रस्त बने न रहें (गायत्री परिवार - Gayatri Pariwar) - समय की माँग आपके सामने भी है और वह समय की माँग इस तरीके की है, जिसको आपको पूरा करना ही चाहिए।
- आपत्तिकाल में मोहग्रस्त बने न रहें (गायत्री परिवार - Gayatri Pariwar) - आप इस समय अपनी सारी आकांक्षाओं को और इच्छाओं को सिर्फ इस काम में लगा दीजिए कि हमें समय की माँग पूरी करनी है; युग की भूमिका निभानी है।
- आपत्तिकाल में मोहग्रस्त बने न रहें (गायत्री परिवार - Gayatri Pariwar) - समय की माँग क्या है? प्रज्ञावतार की माँग क्या है? आप कान खोलकर सुनिये और सुनने के बाद पूरी हिम्मत के साथ में और पूरी वफादारी और जिम्मेदारी के साथ में निभाने में जुट जाइए।
- बाल संस्कारशाला मार्गदर्शिका (गायत्री परिवार - Gayatri Pariwar) - समय की माँग बहुत बड़ी है, जिसकी पूर्ति तभी हो सकेगी, जब बाल्यावस्था से ही भावी पीढ़ी के नौनिहालों का सर्वांगीण निर्माण किया जा सके।
- युग निर्माण योजना के आदर्श और सिद्धान्त (गायत्री परिवार - Gayatri Pariwar) - समय की माँग है कि पचास वर्ष से अधिक आयु का हर व्यक्ति भले ही घर में रहे, पर आत्म-निर्माण और आत्म-विकास की आध्यात्मिक प्रक्रिया में संलग्न होकर अपने और समाज के कल्याण का महत्त्वपूर्ण प्रयोजन करने में संलग्न हो।
- युग निर्माण योजना के आदर्श और सिद्धान्त (गायत्री परिवार - Gayatri Pariwar) - समय की माँग है कि बिना वक्त गँवाये नारी उत्थान का एक प्रचण्ड आन्दोलन खड़ा किया जाये।
- युग निर्माण योजना के आदर्श और सिद्धान्त (गायत्री परिवार - Gayatri Pariwar) - समय की माँग है कि पचास वर्ष से अधिक आयु का हर व्यक्ति भले ही घर में रहे, पर आत्म-निर्माण और आत्म-विकास की आध्यात्मिक प्रक्रिया में संलग्न होकर अपने और समाज के कल्याण का महत्त्वपूर्ण प्रयोजन करने में संलग्न हो।
- युग निर्माण योजना के आदर्श और सिद्धान्त (गायत्री परिवार - Gayatri Pariwar) - समय की माँग है कि बिना वक्त गँवाये नारी उत्थान का एक प्रचण्ड आन्दोलन खड़ा किया जाये।
- हमारी वसीयत और विरासत - 2 (गायत्री परिवार - Gayatri Pariwar) - समय की माँग ऐसे महामानवों की है, जो स्वयं बढ़ें और दूसरों को बढ़ाएँ॥
माना कि आज स्वार्थपरता, संकीर्णता और क्षुद्रता ने मनुष्य को बुरी तरह घेर रखा है, तो भी धरती को वीर विहीन नहीं कहा जा सकता।
- हमारी वसीयत और विरासत (गायत्री परिवार - Gayatri Pariwar) - इस बार एकाकी वे सब प्रयत्न करने और समय की माँग को पूरा करना है।
- हमारी वसीयत और विरासत (गायत्री परिवार - Gayatri Pariwar) - समय की माँग तो इसी से पूरी होती है।
- हमारी वसीयत और विरासत - 1 (गायत्री परिवार - Gayatri Pariwar) - यदि दृष्टि में इतनी विशालता आई होती, तो उस बचत को ऐसे कार्यों में खर्च किया गया होता जिससे अनेकों का वास्तविक हित साधन होता और समय की माँग पूरी होने में सहायता मिलती।
- युग निर्माण योजना के आदर्श और सिद्धान्त (गायत्री परिवार - Gayatri Pariwar) - समय की माँग है कि पचास वर्ष से अधिक आयु का हर व्यक्ति भले ही घर में रहे, पर आत्म-निर्माण और आत्म-विकास की आध्यात्मिक प्रक्रिया में संलग्न होकर अपने और समाज के कल्याण का महत्त्वपूर्ण प्रयोजन करने में संलग्न हो।
- युग निर्माण योजना के आदर्श और सिद्धान्त (गायत्री परिवार - Gayatri Pariwar) - समय की माँग है कि बिना वक्त गँवाये नारी उत्थान का एक प्रचण्ड आन्दोलन खड़ा किया जाये।
- बाल संस्कारशाला मार्गदर्शिका-1 (गायत्री परिवार - Gayatri Pariwar) - समय की माँग बहुत बड़ी है, जिसकी पूर्ति तभी हो सकेगी, जब बाल्यावस्था से ही भावी पीढ़ी के नौनिहालों का सर्वांगीण निर्माण किया जा सके।
- युग निर्माण योजना के आदर्श और सिद्धान्त (गायत्री परिवार - Gayatri Pariwar) - समय की माँग है कि पचास वर्ष से अधिक आयु का हर व्यक्ति भले ही घर में रहे, पर आत्म-निर्माण और आत्म-विकास की आध्यात्मिक प्रक्रिया में संलग्न होकर अपने और समाज के कल्याण का महत्त्वपूर्ण प्रयोजन करने में संलग्न हो।
- युग निर्माण योजना के आदर्श और सिद्धान्त (गायत्री परिवार - Gayatri Pariwar) - समय की माँग है कि बिना वक्त गँवाये नारी उत्थान का एक प्रचण्ड आन्दोलन खड़ा किया जाये।
- युगऋषि की वेदना एवं उमंगें जानें — तदनुसार कुछ करें (गायत्री परिवार - Gayatri Pariwar) - उच्च पदासीन, यशस्वी, धनी-मानी अपने प्रभाव का उपयोग करके भी समय की माँग पूरी करने में अपनी विशिष्ट भूमिका निभा सकते हैं।
- युगऋषि की वेदना एवं उमंगें जानें — तदनुसार कुछ करें (गायत्री परिवार - Gayatri Pariwar) - समय की माँग बड़ी है उसके लिए उथली पूजा से काम नहीं चल सकता।
- युग निर्माण योजना के आदर्श और सिद्धान्त (गायत्री परिवार - Gayatri Pariwar) - समय की माँग है कि पचास वर्ष से अधिक आयु का हर व्यक्ति भले ही घर में रहे, पर आत्म-निर्माण और आत्म-विकास की आध्यात्मिक प्रक्रिया में संलग्न होकर अपने और समाज के कल्याण का महत्त्वपूर्ण प्रयोजन करने में संलग्न हो।
- युग निर्माण योजना के आदर्श और सिद्धान्त (गायत्री परिवार - Gayatri Pariwar) - समय की माँग है कि बिना वक्त गँवाये नारी उत्थान का एक प्रचण्ड आन्दोलन खड़ा किया जाये।
- समस्त विश्व को भारत के अजस्र अनुदान-5 (गायत्री परिवार - Gayatri Pariwar) - समय की माँग है कि समस्वरता और एकरूपता वाला ऐसा सर्वांगपूर्ण हिन्दू धर्म सामने लाया जाए जो शास्त्रीय प्रमाणों से समर्थित हो, बुद्धि संगत हो, समय की आवश्यकता पूरी कर सके और पूर्व मान्यताओं के साथ संगति बैठाते हुए एकरूपता का आधार बन सके।
- आधी जनशक्ति अपंग न रहे (गायत्री परिवार - Gayatri Pariwar) - विश्राम के लिए समय की माँग न करनी चाहिए।
- महिला जागरण दिशा और धारा (गायत्री परिवार - Gayatri Pariwar) - समय की माँग है कि आदर्श के लिए कुछ कर गुजरने की सजीवता उभरे।
- महिला जागरण दिशा और धारा (गायत्री परिवार - Gayatri Pariwar) - समय की माँग है कि इस जाल-जंजाल को एक झटके में ही उखाड़कर फेंक दिया जाए।
- महिला जागरण दिशा और धारा (गायत्री परिवार - Gayatri Pariwar) - विश्व की आधी जनसंख्या महिला समाज की समस्या का समाधान भी समय की माँग है।
- परमात्मा की सर्वोत्कृष्ट कृति नारी (गायत्री परिवार - Gayatri Pariwar) - समय की माँग यह है कि रचनात्मक प्रयोगों को हाथ में लिया जाए।
- नारी उत्थान में समाज का उत्तरदायित्व (गायत्री परिवार - Gayatri Pariwar) - विश्राम के लिए समय की माँग न करनी चाहिए।
- नारी उत्थान में समाज का उत्तरदायित्व (गायत्री परिवार - Gayatri Pariwar) - विश्व की आधी जनसंख्या महिला समाज की समस्या का समाधान भी समय की माँग है, उसे पूरा होना ही है।
- युग-परिवर्तनकारी महाक्रान्ति में सहभागी बनें (गायत्री परिवार - Gayatri Pariwar) - यह सारा भगवान के लिए समर्पित होने का लाभ है तथा समय की माँग के अनुसार कार्य करने का है।
- युग-परिवर्तनकारी महाक्रान्ति में सहभागी बनें (गायत्री परिवार - Gayatri Pariwar) - किन-किन ने समय को पहचाना और समय की माँग के अनुरूप अपने को समर्पित किया? हनुमान जी की मूर्तियाँ आपने देखी हैं।
- युग-परिवर्तनकारी महाक्रान्ति में सहभागी बनें (गायत्री परिवार - Gayatri Pariwar) - उन हनुमान जी ने समय की माँग को देखा तथा राम के कार्य के लिए समर्पित हो गये।
- युग-परिवर्तनकारी महाक्रान्ति में सहभागी बनें (गायत्री परिवार - Gayatri Pariwar) - हमने अपनी सारी जिन्दगी में एक ही चीज ढूँढ़ी है कि जो व्यक्ति समय की माँग को समझता है तथा भगवान के कार्य में अपनी अकल, श्रम, समय, धन-सम्पदा लगा देता है, वह महान बन जाता है, उसकी शक्ति बढ़ जाती है।
- महाकाल की पुकार सुनें और जीवन को धन्य बनाएँ (गायत्री परिवार - Gayatri Pariwar) - इस समय, समय की माँग ये है कि आप अपने समय का, श्रम का, अपनी शक्ति का बड़े से बड़ा भाग समाज की संरचना के लिए, महाकाल की पुकार को पूरा करने के लिए, युग की चुनौती स्वीकार करने के लिए लगाएँ, अपने आप को पेश करें।
- आपत्तिकाल का अध्यात्म (गायत्री परिवार - Gayatri Pariwar) - परिवर्तन की इस संध्या में आपको न तो कोई विशेष- समय की माँग दिखाई पड़ती है, न कर्तव्यों की पुकार सुनाई पड़ती है और न ही भगवान का अवतार दिखाई पड़ता है।
- आपत्तिकाल का अध्यात्म (गायत्री परिवार - Gayatri Pariwar) - सामान्य भारतीय जिस स्तर का जीवनयापन करता है, वहाँ तक आप अपने को सीमाबद्ध कर लें तो आप आपत्तिकाल में युग की माँग और समय की माँग के लायक कुछ कर पाएँगे।
- आपत्तिकाल का अध्यात्म (गायत्री परिवार - Gayatri Pariwar) - जितने कम में गुजारा हो सकता हो उतने कम पैसे, कम समय में अपना गुजारा कर लें और बाकी सारे का सारा समय श्रेष्ठ कामों के लिए, आध्यात्मिक कार्यों के लिए, आपत्तिकाल के क्रिया-कलापों के लिए समय की माँग को पूरा करने में लगा दें।
- आपत्तिकाल का अध्यात्म (गायत्री परिवार - Gayatri Pariwar) - आप यहाँ से जाने के बाद एक बात हर एक से कहना, अपने से सौ बार कहना और जो कोई जाग्रत आत्मा दिखाई पड़े उससे कहना कि महाकाल ने एक ही निमन्त्रण भेजा है— समय की माँग का निमन्त्रण।
- बिना पानी पिए लिखे हुए फोल्डर-पत्रक 221-230 (गायत्री परिवार - Gayatri
Pariwar) - ***—पण्डित श्रीराम शर्मा आचार्य, गायत्री तीर्थ शान्तिकुञ्ज, हरिद्वार
228. युग साहित्य का लेखन और प्रसार-प्रकाशन--पं. श्रीराम शर्मा आचार्य समय की माँग है कि मध्यकालीन मध्य युग के सामन्तवादी विचारों में आमूलचूल परिवर्तन किया जाय।
- बिना पानी पिए लिखे हुए फोल्डर-पत्रक 221-230 (गायत्री परिवार - Gayatri
Pariwar) - ***—पण्डित श्रीराम शर्मा आचार्य, गायत्री तीर्थ शान्तिकुञ्ज, हरिद्वार
230. प्रतिभाएँ समय की माँग पूरी करें--पं. श्रीराम शर्मा आचार्य
सामान्य क्षमताओं की उपलब्धि इतनी ही सीमित होती है कि अपना और परिवार का गुजारा उसके सहारे हो सके।
- बिना पानी पिए लिखे हुए फोल्डर-पत्रक 31-40 (गायत्री परिवार - Gayatri Pariwar) - ऐसे अवसरों का सबसे बड़ा लाभ वे अग्रगामी उठाते हैं, जो संकीर्ण स्वार्थपरता को छोड़कर समय की माँग पूरी करने के लिए बिना समय गँवाये अग्रिम मोर्चे पर जा खड़े होते हैं।
- बिना पानी पिए लिखे हुए फोल्डर-पत्रक 141-150 (गायत्री परिवार - Gayatri
Pariwar) - समय की माँग है कि खण्डहरों का कूड़ा करकट साफ किया जाय और उनके स्थान पर प्रगतिशीलता का भव्य भवन खड़ा किया जाय।
- बिना पानी पिए लिखे हुए फोल्डर-पत्रक 231-240 (गायत्री परिवार - Gayatri
Pariwar) - समय की माँग है कि इस विचारशीलता के युग में यह तथ्य हर किसी को हृदयंगम कराया जाय कि खर्चीली शादियाँ हमें दरिद्र बेईमान ही नहीं, बदनाम भी कराती हैं।
- बिना पानी पिए लिखे हुए फोल्डर-पत्रक 231-240 (गायत्री परिवार - Gayatri
Pariwar) - समय की माँग है कि देश भक्ति के लिए ही नहीं, जान की आफत टालने के लिए भी आत्म निर्भर होना चाहिए।
- बिना पानी पिए लिखे हुए फोल्डर-पत्रक 101-110 (गायत्री परिवार - Gayatri
Pariwar) - अग्नि काण्ड, महामारी, बाढ़, दुर्भिक्ष, दुर्घटना जैसे आपत्तिकालीन अवसरों पर उदारचेता निजी लाभ हानि की बात नहीं सोचते, वरन् समय की माँग पूरी करने के लिए सहायता को दौड़ते है।
- बिना पानी पिए लिखे हुए फोल्डर-पत्रक 101-110 (गायत्री परिवार - Gayatri
Pariwar) - इस वर्ष के प्रायः दस हजार आयोजनों और २४०० प्रज्ञापीठों की सुव्यवस्था के लिए एक वर्ष की प्रव्रज्या से ही समय की माँग पूरी हो सकेगी।
- बिना पानी पिए लिखे हुए फोल्डर-पत्रक 101-110 (गायत्री परिवार - Gayatri
Pariwar) - आज तीर्थों की दुर्दशा पर आक्रोश व्यक्त करने और उसमें आमूलचूल परिवर्तन की आवश्यकता न केवल लाँछन को निरस्त करने की दृष्टि से आवश्यक है, वरन् इसलिए भी अनिवार्य है कि उस महान परम्परा के पुरातन स्वरूप को नव जीवन प्रदान करके समय की माँग को पूरा किया जा सके।
- बिना पानी पिए लिखे हुए फोल्डर-पत्रक 161-170 (गायत्री परिवार - Gayatri
Pariwar) - समय की माँग है कि नीर क्षीर विवेक का सरंजाम जुटाया जाय।
- बिना पानी पिए लिखे हुए फोल्डर-पत्रक 181-190 (गायत्री परिवार - Gayatri
Pariwar) - उनमें से किसी को भी अपनाकर विचार किया जाय तो आवश्यक प्रतीत होगा कि समय की माँग को देखा जाय, उज्ज्वल भविष्य को ध्यान में रखा जाय तो नारी जागरण अपने समय का सबसे बड़ा काम प्रतीत होगा।
- बिना पानी पिए लिखे हुए फोल्डर-पत्रक 181-190 (गायत्री परिवार - Gayatri
Pariwar) - विश्राम के लिए समय की माँग न करनी चाहिए।
- बिना पानी पिए लिखे हुए फोल्डर-पत्रक 151-160 (गायत्री परिवार - Gayatri Pariwar) - समय की माँग और दूरदर्शिता का संकेत यह है कि सर्व प्रथम धूमधाम और देन दहेज की शादियों के विरुद्ध व्यापक मोर्चा खड़ा किया जाय, और प्रचण्ड संघर्ष छोड़ जाय।
- बिना पानी पिए लिखे हुए फोल्डर-पत्रक 151-160 (गायत्री परिवार - Gayatri Pariwar) - इतने पर भी प्राणियों की अपनी निजी विशेषता इतनी हठीली है कि उसे द्रुतगति से बदल जाने और समय की माँग को पूरा कर सकने के लिए सहमत करना नितान्त कठिन है।
- बिना पानी पिए लिखे हुए फोल्डर-पत्रक 71-80 (गायत्री परिवार -Gayatri
Pariwar) - समय की माँग है कि संव्याप्त विकृतियों से जूझने और उनके स्थान पर शालीनता की स्थापना का प्रबल प्रयत्न किया जाय।
- बिना पानी पिए लिखे हुए फोल्डर-पत्रक 211-220 (गायत्री परिवार - Gayatri Pariwar) - समय की माँग है कि ध्वंस लीला आरम्भ होने के पूर्व ही संस्कृति के अग्रदूत चेतें, उज्ज्वल भविष्य के मार्ग में आए अवरोधों को दूर हटाएँ।
- बिना पानी पिए लिखे हुए फोल्डर-पत्रक 111-120 (गायत्री परिवार - Gayatri
Pariwar) - समय की माँग है कि विज्ञान और अध्यात्म का, पदार्थ और चेतना का ऐसा तालमेल बैठे जिसके सहारे व्यक्ति की गरिमा और समाज की व्यवस्था को उच्चस्तरीय बनाया जाना सम्भव हो सके।
- बिना पानी पिए लिखे हुए फोल्डर-पत्रक 11-20 (गायत्री परिवार - Gayatri Pariwar) - यह एक अत्यन्त उपयोगी परम्परा है जिसे परिस्थितियों की बढ़ती हुई जटिलता को देखते हुए समय की माँग कहा जा सकता है।
- बिना पानी पिए लिखे हुए फोल्डर-पत्रक (गायत्री परिवार - Gayatri Pariwar) - 192. सर्वांगीण प्रगति की दूरदर्शी रीति नीति
193. जीवन सम्पदा का स्वरूप और सदुपयोग
194. उज्ज्वल भविष्य के लिए वर्तमान का सदुपयोग करें
195. पौष्टिक आहार सर्वसुलभ और सस्ता भी
196. स्वाद की गुलामी तो स्वीकार न करें
197. अपना ही नहीं समाज का भी हित सोचें
198. समृद्धि के लिए दूरदर्शी नीति अपनायी जाय
199. व्यक्ति की प्रगति समाज की उन्नति में
200. अपनी भाव सम्पदा जगाएँ—श्रेय पाएँ
201. असन्तुलन को मिटाने वाली अवतार प्रक्रिया का आविर्भाव सन्निकट
202. गन्ध शक्ति की प्रभाव सामर्थ्य
203. सुर दुर्लभ काया का सार्थक एवं सुनियोजित उपयोग हो
204. कुण्डलिनी का स्वरूप एवं प्रयोग
205. सूक्ष्मीकरण चिकित्सा का दर्शन एवं स्वरूप
206. मन को मनाइए अपना सहयोगी बनाइये
207. यज्ञोपचार का ज्ञान विज्ञान
208. कुण्डलिनी साधना से प्रज्ञा और प्रखरता का जागरण
209. आस्था की ज्योति बुझने न पाये
210. महान संकल्पों की महान परिणति
211. आदर्श निष्ठा—हमारे अतीत की गरिमा
212. सांस्कृतिक गौरव की ऐतिहासिक झाँकी
213. सा प्रथमा संस्कृति विश्ववारा
214. भारतीय तत्त्वज्ञान के वर्चस्व की गौरव गाथा
215. भारतीय संस्कृति-मानवी संस्कृति
216. संस्कृति के अग्रदूत चेतें, उत्तरदायित्व निभाने आगे आएँ
217. धर्मचक्र प्रवर्तन की क्रान्तिकारी प्रक्रिया
218. पर्व एवं त्यौहार देव संस्कृति की अनमोल धरोहर
219. अपने सांस्कृतिक गौरव को भूलें नहीं
220. उत्कृष्ट आदर्शवादिता की पक्षधर भारतीय संस्कृति
221. सृजन साधनों के लिए ज्ञान घटों की स्थापना
222. जड़ी-बूटी विज्ञान का नये सिरे से अनुसन्धान
223. हर प्रज्ञा संस्थान में बाल संस्कार कक्षाएँ चल पड़े
224. भाषाओं एवं धर्मों का प्रशिक्षण-विद्यालय
225. घरेलू शाक वाटिका-शोभा, स्वास्थ्य, सृजन एवं बचत
226. हिमालय की ऋषि परम्परा का अभिनव संस्करण शान्तिकुञ्ज
227. गायत्री तीर्थ के समग्र स्वास्थ्य सम्वर्द्धन सत्र
228. युग साहित्य का लेखन और प्रसार-प्रकाशन
229. दृश्य सत्संग की प्राणवान तैयारी
230. प्रतिभाएँ समय की माँग पूरी करें
231. सद्ज्ञान संवर्धन का पुण्य परमार्थ
232. दहेज और धूमधाम की शादियाँ न होने दें
233. वृक्ष सम्पदा को घटने न दें
234. क्या खायें?
- बिना पानी पिए लिखे हुए फोल्डर-पत्रक 251-254 (गायत्री परिवार - Gayatri
Pariwar) - जिनकी स्थिति इसके लिए उपयुक्त है उन्हें समय की माँग पूरी करने के लिए आगे आना चाहिए।
- सम्भवामि युगे-युगे (गायत्री परिवार - Gayatri Pariwar) - वह धर्म स्थापना के लिए समय की माँग को पूरा करने के लिए आपको रोज पुकारता है।
- आपत्तिकाल का अध्यात्म (गायत्री परिवार - Gayatri Pariwar) - परिवर्तन की इस संध्या में आपको न तो कोई विशेष- समय की माँग दिखाई पड़ती है, न कर्तव्यों की पुकार सुनाई पड़ती है और न ही भगवान का अवतार दिखाई पड़ता है।
- आपत्तिकाल का अध्यात्म (गायत्री परिवार - Gayatri Pariwar) - सामान्य भारतीय जिस स्तर का जीवनयापन करता है, वहाँ तक आप अपने को सीमाबद्ध कर ले तो आप आपत्तिकाल में युग की माँग और समय की माँग के लायक कुछ कर पाएँगे।
- आपत्तिकाल का अध्यात्म (गायत्री परिवार - Gayatri Pariwar) - जितने कम में गुजारा हो सकता हो उतने कम पैसे, कम समय में अपना गुजारा कर लें और बाकी सारे का सारा समय श्रेष्ठ कामों के लिए, आध्यात्मिक कामों के लिए, आपत्तिकाल के क्रिया- कलापों के लिए समय की माँग को पूरा करने में लगा दें।
- आपत्तिकाल का अध्यात्म (गायत्री परिवार - Gayatri Pariwar) - आप यहाँ से जाने के बाद एक बात हर एक से कहना- अपने से सौ बार कहना और जो कोई जाग्रत आत्मा दिखाई पड़े उससे कहना कि महाकाल ने एक ही निमन्त्रण भेजा है- समय की माँग का निमन्त्रण।
- जीवन्त विभूतियों से भावभरी अपेक्षाएँ (गायत्री परिवार - Gayatri Pariwar) - समय की माँग को पूरा करना चाहिए और युग की माँग को पूरा करना चाहिए और महाकाल ने, भगवान ने जहाँ आपको बुलाया है, वहाँ आपको चलना चाहिए।
- क्षुद्रता छोड़ें, महानता के पथ पर चलें (गायत्री परिवार - Gayatri Pariwar) - ऐसे अवसरों का सबसे बड़ा लाभ वे अग्रगामी उठाते हैं जो संकीर्ण स्वार्थपरता को छोड़कर समय की माँग पूरी करने के लिए बिना समय गँवाये अग्रिम मोर्चे पर जा खड़े होते हैं।
- उत्कर्ष के लिए स्वयं आगे बढ़ें (गायत्री परिवार - Gayatri Pariwar) - विश्व की आधी जनसंख्या, महिला समाज की समस्या का समाधान भी समय की माँग है, उसे पूरा होना ही है।
- गृह-व्यवस्था के सूत्र (गायत्री परिवार - Gayatri Pariwar) - समय की माँग तो बहुत बड़ी है, पर उसके जिम्मे घर गृहस्थी की साज-सँभाल काम-काज हमेशा से बना रहा है—वह भी उसे नहीं आता।
- नारी की क्षमता का सदुपयोग हो (गायत्री परिवार - Gayatri Pariwar) - समय की माँग है कि आदर्श के लिए कुछ कर गुजरने की सजीवता उभरे।