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| गायत्री मन्त्र — |
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उन दिनों कैसेट का प्रचलन खूब जोर-शोर से था। गीतों के व परम पूज्य गुरुदेव के प्रवचनों के कैसेट तैयार किये जा रहे थे। कैसेट के इनले कार्ड में परम पूज्य गुरुदेव का चित्र देने का निर्णय हुआ। जब वन्दनीया माताजी को एक नमूना दिखाया गया तो वन्दनीया माताजी ने कैसेट को उलट-पलट कर देखा और बोलीं, ‘‘बेटा! मुझे और गुरुजी को कभी अलग मत समझना।’’ फिर बोलीं, ‘‘बेटा, आने वाले समय में दुनिया अपनी समस्याओं का समाधान मेरे गीतों में और पूज्य गुरुजी के प्रवचनों में (विचारों में) ढूँढ़ेगी।’’ — वन्दनीया माताजी
मित्रो! मैं व्यक्ति नहीं, विचार हूँ।.....हम व्यक्ति के रूप में कब से खत्म हो गए। हम एक व्यक्ति हैं? नहीं हैं। हम कोई व्यक्ति नहीं हैं। हम एक सिद्धान्त हैं, आदर्श हैं, हम एक दिशा हैं, हम एक प्रेरणा हैं।.....हमारे विचारों को लोगों को पढ़ने दीजिए। जो हमारे विचार पढ़ लेगा, वही हमारा शिष्य है। हमारे विचार बड़े पैने हैं, तीखे हैं। हमारी सारी शक्ति हमारे विचारों में समाहित है। दुनिया को हम पलट देने का जो दावा करते हैं, वह सिद्धियों से नहीं, अपने सशक्त विचारों से करते हैं। आप इन विचारों को फैलाने में हमारी सहायता कीजिए। — पूज्य गुरुदेव युगऋषि वेदमूर्ति तपोनिष्ठ पण्डित श्रीराम शर्मा आचार्य
आपकी महत्त्वपूर्ण जिज्ञासाएँ — पूज्य गुरुसत्ता के समाधान
📁 महत्त्वपूर्ण फोल्डर — पत्रक
| या तो अभी या कभी नहीं |
| मानवता का प्रथम गुण—कृतज्ञता |
| अपने अंग अवयवों से |
| हमारा युग निर्माण सत्संकल्प |
| परिवर्तित एवं परिवर्धित रूप में हमारा युग-निर्माण सत्संकल्प |
| गायत्री साधना का उद्देश्य |
| आत्मबोध और तत्त्वबोध की साधना |
| अपने अंग अवयवों के लिए हमारी वसीयत और विरासत |
| हमारा जीवन कैसा हो? |
| करिष्ये वचनम् तव |
| गायत्री माँ की आरती, चालीसा, प्रार्थना, गायत्री स्तवनम् |
| प्रातःकालीन ध्यान — स्थूल, सूक्ष्म और कारण तीनों शरीरों का |
| प्रातःकालीन ध्यान — स्थूल, सूक्ष्म और कारण तीनों शरीरों का - Morning Dhyan of three bodies at Youtube |
| गायत्री मंत्र क्यों और कैसे जपें? |
| ऋषि परम्परा का पुनर्जीवन |
| क्रान्तिधर्मी साहित्य की महत्ता |
| युग निर्माण योजना—एक दृष्टि में |
| विचार क्रान्ति के बीजों से क्रान्ति की केसरिया फसल लहलहा उठे |
| महाकाल के तेवर समझें, दण्ड के नहीं—पारितोषिक के पात्र बनें |
| युग निर्माण का शत सूत्री कार्यक्रम |
| विचारक्रान्ति का एक छोटा मॉडल — शान्तिकुञ्ज |
| शान्तिकुञ्ज — कायाकल्प के लिए बनी एक अकादमी |
| शान्तिकुञ्ज की जीवनचर्या |
| मेरा चौथा स्थान उगता हुआ सूर्य होगा |
| जीवन की सभी समस्याओं का अचूक समाधान |
| अत्यन्त व्यस्त, असमर्थ लोगों के लिए एक प्रतीक साधना |
| पू. गुरुदेव के साथ २४ बार गायत्री मंत्र २४००० गायत्री मंत्र के बराबर शक्तिशाली हैं |
| बलिवैश्व महायज्ञ की महत्ता |
| यदि विचार बदल जाएँगें तो कार्यों का बदलना सुनिश्चित है। |
| गायत्री तीर्थ शान्तिकुञ्ज में हमारा उद्देश्य एवं वातावरण का प्रभाव — एक अध्ययन |
| पूज्य गुरुदेव का अमृत सन्देश — audios of short video clips |
| विभिन्न मन्त्राहुतियाँ |
| 📚 गायत्री परिवार केे विभिन्न सद्वाक्य |
| वर्तमान पर्यावरण परिदृष्य — एक विनम्र प्रयास-समाधान |
| अपने गाँव की गोद में — हमारी आदर्श ग्राम तीर्थ योजना एक दृष्टि में |
| 🌐 मोबाइल और इन्टरनेट — महत्ता, आवश्यकता, हानियाँ और सावधानियाँ |
| पुस्तकों, प्रवचनों एवं विभिन्न विषयों का गूगल ऑडियोबुक द्वारा बनाया हुआ चर्चा-परिचर्चा रूप में ऑडियो सार-संक्षेप |
| पुस्तकों, प्रवचनों एवं विभिन्न विषयों का गूगल नोटबुक द्वारा बनाया हुआ सार-संक्षेप एक दृष्टि में |
| पण्डित श्रीराम शर्मा आचार्य जी के समग्र वाङ्मय का गूगल नोटबुक द्वारा बनाया हुआ चर्चा-परिचर्चा रूप में ऑडियो सार-संक्षेप |
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